त्रिपुरा ने शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। देश के उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा को अब भारत का पहला पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और स्थानीय समुदायों की सतत मेहनत और जागरूकता अभियानों का नतीजा है।
इससे पहले गोवा और मिज़ोरम को देश के अग्रणी साक्षर राज्यों में गिना जाता था, लेकिन अब त्रिपुरा ने इन दोनों राज्यों को पीछे छोड़ते हुए 100% साक्षरता दर हासिल की है।
राज्य सरकार ने ‘हर घर शिक्षा’ और ‘सब पढ़ें, सब बढ़ें’ जैसे अभियानों के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाई, विशेषकर ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में। मोबाइल शिक्षण इकाइयों, रात्रि पाठशालाओं और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म्स का बड़ा योगदान रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति है। शिक्षा के बल पर त्रिपुरा ने खुद को आत्मनिर्भर और जागरूक राज्य के रूप में स्थापित किया है।”
















