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चुनावी वादों को लेकर अमित शाह ने कांग्रेस पर बोला हमला, खड़गे ने माना, कांग्रेस अपने वादे पूरे करने में विफल रही

Amit shah attacked congress over election promises, Kharge admitted, congress failed to keep its promises
Amit shah attacked congress over election promises, Kharge admitted, congress failed to keep its promises
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है। रांची में मीडिया से बात करते हुए शाह ने कहा, हमने अपने सभी वादों को पूरा किया है, जबकि कांग्रेस हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना में अपने चुनावी वादों को पूरा नहीं कर पाई है। मैं खड़गे साहब को यह स्वीकार करने के लिए बधाई देता हूँ कि वे वादे निभाने में असमर्थ रहे हैं। झारखंड के लोगों को खड़गे जी की इस स्वीकारोक्ति पर ध्यान देना चाहिए और कांग्रेस के वादों का आकलन करना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 1 नवंबर को जनता से कांग्रेस के झूठे वादों से सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने कांग्रेस की ऋण माफी जैसी अधूरी प्रतिबद्धताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी बार-बार खोखले वादे करती है, जिन्हें वे पूरा नहीं कर पाते। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, कांग्रेस को अब समझ में आ रहा है कि झूठे वादे करना आसान है, लेकिन उन्हें निभाना मुश्किल है। वे लगातार प्रचार अभियान चलाते हैं, लेकिन अपने वादों को पूरा नहीं कर पाते।

मोदी ने कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस के अधूरे वादों ने लोगों को निराश किया है। उन्होंने कहा, कांग्रेस-शासित राज्यों में विकास और वित्तीय स्थिति बदतर होती जा रही है। उनकी गारंटियां अधूरी रह जाती हैं, जिससे गरीब, युवा, किसान और महिलाएं प्रभावित हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कर्नाटक में कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों के वेतन में देरी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, कर्नाटक में कांग्रेस अपनी आंतरिक राजनीति में उलझी है, जबकि विकास योजनाओं की अनदेखी कर रही है। हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और तेलंगाना में किसान राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी चुनाव से पहले कांग्रेस इकाइयों को अपने बजट के अनुसार वादे करने की सलाह दी थी। खड़गे ने कहा कि अनियोजित वादों से वित्तीय संकट हो सकता है और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा, वित्तीय जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। अगर सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहती है, तो समुदाय की छवि खराब हो सकती है।

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में शक्ति योजना की समीक्षा करने का सुझाव दिया था, जो महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा की सुविधा प्रदान करती है। खड़गे का बयान इस कदम के संदर्भ में था, जिससे पार्टी के भविष्य के चुनावी वादों में वित्तीय संतुलन पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत मिलता है।

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