पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए बलवंत सिंह राजोआना को बुधवार सुबह अपने भाई कुलवंत सिंह राजोआना के भोग में शामिल होने के लिए 3 घंटे की पैरोल पर रिहा किया गया। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह पैरोल दी गई थी।
मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस जी.एस. गिल ने राजोआना की याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश जारी किया। अपनी याचिका में राजोआना ने बताया कि उनके भाई कुलवंत सिंह का 14 नवंबर को निधन हो गया था और 20 नवंबर को लुधियाना के राजोआना कलां गांव स्थित मंजी साहिब गुरुद्वारे में भोग का आयोजन किया गया है।
इससे पहले राजोआना ने पटियाला जेल के सुपरिटेंडेंट को पैरोल के लिए आवेदन दिया था, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया और अस्थाई पैरोल की मांग की। कोर्ट को जानकारी दी गई कि राजोआना अब तक 28 साल से अधिक समय से हिरासत में हैं।
राजोआना ने कोर्ट को बताया कि वह 12 नवंबर तक 28 साल, 9 महीने और 14 दिनों की हिरासत में रह चुके हैं। उन्होंने भाई के भोग में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दी और बुधवार सुबह राजोआना जेल से बाहर आए।
1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में बलवंत सिंह राजोआना को दोषी ठहराया गया था। इस मामले में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी।
Beant singh murder case convict balwant singh rajoana gets 3 hours parole