तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके ने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि उसने तमिल समेत क्षेत्रीय भाषाओं की अनदेखी की है और हिंदी को प्राथमिकता दी है। पार्टी ने यह बयान अपनी उच्च स्तरीय पैनल बैठक के दौरान दिया, जिसमें 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा हुई।
डीएमके का केंद्र सरकार पर आरोप, डीएमके ने केंद्र सरकार पर हिंदी को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय भाषाओं को दरकिनार करने का आरोप लगाया। पार्टी ने जाति आधारित जनगणना में देरी को केंद्र की नाकामी बताया। डीएमके ने इसे अल्पसंख्यक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए विरोध जताया। केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए पार्टी ने कहा कि बारबार हो रही रेल दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मणिपुर में सभी वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
बैठक में डीएमके ने अपनी लोकप्रिय योजनाओं का उल्लेख करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों का आह्वान किया। महिलाओं के लिए राज्य की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना। कलैगनार मगलिर उरीमाई थोगई योजना के तहत महिलाओं को मासिक ₹1,000 सहायता।
पार्टी ने मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के नेतृत्व को दूरदर्शी बताते हुए लोगों को इन योजनाओं का लाभ समझाने और चुनावी अभियान तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया।
डीएमके ने 2026 के विधानसभा चुनाव में जीत का भरोसा जताते हुए कार्यकर्ताओं से जनता के बीच योजनाओं और पार्टी की नीतियों का प्रचार करने को कहा। महिलाओं का सशक्तिकरण, सामाजिक कल्याण योजनाएं, और क्षेत्रीय भाषाओं का संरक्षण। पार्टी ने राज्य में विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
DMK criticizes centre for 'Neglecting' regional languages and focusing on hindi