जालंधर। पत्रकार राजीव शर्मा की हत्या और शव खुर्द-बुर्द करने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में हाईकोर्ट से नियुक्त वारंट ऑफिसर ने जालंधर में छापेमारी की, जिसके बाद सच्चाई सामने आई।
शुरुआती आरोपों में कहा गया था कि जालंधर पुलिस ने पत्रकार राजीव शर्मा को कहीं छिपा दिया है या उसकी हत्या कर दी गई है। इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए वारंट ऑफिसर ने थाना नंबर 5 के पास पुलिस स्टेशन में रेड की।
जांच के दौरान इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार ने खुलासा किया कि यह मामला हत्या का नहीं, बल्कि कर्नाटक में हुई 83 लाख रुपये की लूट और हत्या से जुड़ा है। कर्नाटक पुलिस ने इस केस में राजीव शर्मा को गिरफ्तार किया था, जिसकी सूचना पहले से ही थाना नंबर 1 में दर्ज थी।
जब इस सच्चाई का खुलासा हुआ, तो वारंट ऑफिसर और अन्य अधिकारी छानबीन पूरी कर वापस लौट गए। अब यह मामला कर्नाटक पुलिस के अधीन है, और आगे की कार्रवाई वहीं की जाएगी।
यह खुलासा उन सभी अफवाहों पर विराम लगाता है, जो पत्रकार की हत्या को लेकर फैलाई जा रही थीं।