चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के वेतन का मुद्दा सदन में गरमाया। आम आदमी पार्टी के विधायक जसबीर सिंह संधू ने सरकार से सवाल किया कि क्या भविष्य में आंगनवाड़ी कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी? इसके जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री बलजीत कौर ने सरकार का पक्ष रखते हुए बताया कि वर्तमान में पंजाब सरकार आंगनवाड़ी वर्करों को 9500 रुपये प्रतिमाह वेतन दे रही है। इस वेतन में 60% केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार का योगदान शामिल है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा 5000 रुपये अतिरिक्त सहायता दी जा रही है।
मंत्री बलजीत कौर ने जानकारी दी कि आंगनवाड़ी हेल्परों को 5100 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है, जिसमें 2250 रुपये केंद्र और राज्य सरकार द्वारा साझा रूप से दिए जाते हैं, जबकि 2850 रुपये का योगदान अकेले पंजाब सरकार कर रही है। इसके अलावा, सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सालाना वेतन बढ़ोतरी के रूप में 500 रुपये अतिरिक्त देने की योजना पर भी काम कर रही है।
सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कर्मचारियों को हर साल 500 रुपये की वेतन वृद्धि दी जाती है। इसके अतिरिक्त, 500 रुपये प्रति माह इंसेंटिव भी दिया जाता है। गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण करने के लिए घर-घर जाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 100 रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन भी प्रदान किया जाता है। इसके अलावा, विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए अलग-अलग इंसेंटिव योजनाएं लागू की गई हैं, जिससे इन कर्मचारियों की आय में सुधार हो सके।
सरकार के अनुसार, आंगनवाड़ी कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। हालांकि, फिलहाल वेतन वृद्धि को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है। सरकार का कहना है कि बजट और केंद्र सरकार के सहयोग के आधार पर भविष्य में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी सरकार से जल्द से जल्द आंगनवाड़ी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने की मांग की है, ताकि वे आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त हो सकें।