पंजाब में रजिस्ट्री करवाने वालों के लिए बड़ी खबर, प्रशासन ने बदले नियम
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जालंधर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा तहसीलों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए गए सख्त कदमों का असर अब जिले के प्रशासनिक ढांचे में भी साफ नजर आ रहा है। भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बड़ा फैसला लेते हुए 5 कानूनगो को सब रजिस्ट्रार की पावर सौंप दी, जबकि 13 नायब तहसीलदारों को उनके अधिकारों से वंचित कर दिया गया।
डिप्टी कमिश्नर ने मनमोहन सिंह (फोलदिवाल) को जालंधर-1, अवनिन्दर सिंह (जालंधर-1) को जालंधर-2, हुसन लाल (नकोदर) को नकोदर, नरेश कुमार (वरियाणा) को फिल्लौर और वरिंदर कुमार (शाहकोट) को शाहकोट का सब रजिस्ट्रार नियुक्त किया है। इन अधिकारियों को प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का पूरा अधिकार दिया गया है।
दूसरी ओर, 13 नायब तहसीलदारों को केवल मैरिज, जाति, आय प्रमाण पत्र और एफिडेविट अटैस्ट करने जैसे सीमित कार्य सौंपे गए हैं। पहले उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें भी तहसीलों और सब तहसीलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन प्रशासन ने उनकी शक्तियां सीमित कर दीं।इस फैसले से नायब तहसीलदारों में असंतोष का माहौल है। कई नायब तहसीलदार अपने जूनियर कानूनगों के पास बैठकर प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करने को मजबूर दिखे। अगर आगे कोई नया आदेश नहीं आया, तो यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की मंशा भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई करने की है, जिसके चलते तहसीलों में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से और भी सख्त कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।