काठमांडू: नेपाल में एक बार फिर राजशाही की बहाली को लेकर माहौल गर्म होता जा रहा है। राजधानी समेत कई शहरों में राजशाही समर्थकों ने प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे राजा की सत्ता वापसी के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं – चाहे जान देनी पड़े या किसी से भिड़ना पड़े।
प्रदर्शन में शामिल एक प्रमुख आंदोलनकारी ने कहा, “2005 में लोकतंत्र के लिए आंदोलन किया था, आज राजशाही के लिए लड़ रहे हैं। दोनों का अनुभव कर लिया है और अब लगता है कि देश को स्थिरता, एकता और गौरव केवल राजशाही ही लौटा सकती है।” प्रदर्शनकारियों की मांग है कि नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए, और संवैधानिक राजशाही को बहाल किया जाए।
चौंकाने वाली बात यह रही कि इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कुछ लोगों पर हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। इसके बावजूद वे खुलकर राजशाही के समर्थन में सामने आ रहे हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस आंदोलन की आड़ में कोई और राजनीतिक एजेंडा तो नहीं चल रहा?
नेपाल में लोकतंत्र की स्थापना के बाद से ही बार-बार ऐसी आवाजें उठती रही हैं, लेकिन इस बार विरोध की लहर पहले से ज्यादा संगठित और आक्रामक दिखाई दे रही है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।