नई दिल्ली। आर्थिक प्रगति की दिशा में भारत एक और ऐतिहासिक मुकाम की ओर अग्रसर है। एक नई वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2075 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, जिससे वह अमेरिका, जापान और जर्मनी जैसी बड़ी शक्तियों को भी पीछे छोड़ देगा।
वैश्विक वित्तीय संस्था Goldman Sachs और IMF (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष) जैसी संस्थाओं ने भारत की जनसंख्या, आर्थिक सुधार, तकनीकी विकास और युवा कार्यबल को ध्यान में रखते हुए यह अनुमान जारी किया है।
किन वजहों से भारत आगे बढ़ रहा है?
•युवा जनसंख्या: भारत की औसत आयु करीब 29 वर्ष है, जिससे देश को एक सशक्त कार्यबल मिल रहा है।
•डिजिटल क्रांति: UPI, डिजिलॉकर, आधार जैसी योजनाओं ने देश में डिजिटल पहुंच को व्यापक बनाया है।
•इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: बुलेट ट्रेन, सेमी-हाईस्पीड रेल, स्मार्ट सिटी और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
•वैश्विक निवेश: भारत अब विदेशी निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है, खासकर चीन की धीमी प्रगति के बाद।
•मैन्युफैक्चरिंग और ‘मेक इन इंडिया’: उत्पादन क्षेत्र में भारत की भूमिका लगातार मज़बूत हो रही है।
क्या कहा विशेषज्ञों ने?
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि भारत राजनीतिक स्थिरता, शिक्षा सुधार, और रोजगार निर्माण पर ध्यान देता है, तो यह लक्ष्य समय से पहले भी हासिल किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने एक हालिया भाषण में कहा, “आज भारत सिर्फ उभरती हुई नहीं, बल्कि दुनिया को दिशा देने वाली अर्थव्यवस्था बन रही है।”