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41 साल बाद इतिहास दोहराया: भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री बने शुभांशु शुक्ला

India's Second Astronaut Subhanshu Shukla Launches into Space after 41 Years
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नई दिल्ली। भारत ने एक बार फिर अंतरिक्ष में इतिहास रच दिया है। राकेश शर्मा के 41 साल बाद अब शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष की यात्रा पर जाने वाले देश के दूसरे अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं। यह ऐतिहासिक पल गुरुवार को तब आया जब शुभांशु शुक्ला को ले जाने वाला अंतरिक्ष यान सफलता के साथ लॉन्च हुआ। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा संचालित इस मिशन ने न सिर्फ भारत की वैज्ञानिक प्रगति का परिचय दिया है, बल्कि देशवासियों के लिए गर्व और उत्साह का अवसर भी पैदा किया है। शुभांशु शुक्ला ने उड़ान से पहले कहा, “यह सिर्फ मेरी नहीं, पूरे भारत की उड़ान है। मैं गर्व महसूस कर रहा हूँ कि मुझे इस ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा बनने का अवसर मिला।” शुक्ला की ट्रेनिंग रूस और भारत के संयुक्त प्रयास से पूरी हुई है। मिशन का उद्देश्य पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में मानव उपस्थिति का परीक्षण करना है, जो भविष्य में अंतरिक्ष में दीर्घकालिक मानवीय उपस्थिति के लिए आधार तैयार करेगा। राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत मिशन ‘सोयूज़ टी-11’ के तहत भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा था – “सारे जहाँ से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा।” अब शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा, “भारत ने फिर से अंतरिक्ष में एक सुनहरा अध्याय जोड़ा है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की यात्रा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सपनों की उड़ान है।” भारत की यह उपलब्धि भविष्य में आने वाले गगनयान मिशन और अन्य अंतरिक्ष अभियानों की नींव मजबूत करेगी। देशभर में लोग टीवी और इंटरनेट पर इस ऐतिहासिक पल को देखकर गौरव से भर उठे।