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बारिश में थमी रफ्तार: पनबस और पीआरटीसी कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

Punbus and PRTC Contract Workers Strike in Jalandhar, Commuters Suffer Amid Rain
Punbus and PRTC Contract Workers Strike in Jalandhar, Commuters Suffer Amid Rain
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जालंधर में आज सुबह से पनबस और पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर काम बंद कर दिया। तेज़ बारिश के बीच बस स्टैंड सुनसान नज़र आया और रोजाना लाखों रुपए की आय देने वाला डिपो ठप हो गया।

कर्मचारियों का कहना है कि नेताओं ने वादा किया था कि सबसे पहले कच्चे कर्मचारियों की मांगें पूरी होंगी, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद न तो नियमितीकरण हुआ और न ही वेतन संबंधी मुद्दों का समाधान। निराश होकर उन्होंने विरोध का रास्ता चुना।

यात्रियों की परेशानी

  • बारिश के चलते सड़कों पर ऑटो और टैक्सी भी कम चल रहे थे, जिससे यात्रियों की दिक्कतें और बढ़ गईं।

  • रोज़ाना की तरह अपने काम, स्कूल और अस्पताल जाने वाले लोगों को घंटों इंतज़ार करना पड़ा।

  • कई यात्रियों को निजी वाहनों या महंगे किराए पर कैब लेनी पड़ी।

जालंधर डिपो के मुताबिक, बसों के पहिए थमने से रोज़ाना होने वाली लाखों रुपए की आय रुक गई है। लंबे समय तक हड़ताल जारी रही तो वित्तीय संकट और गहरा सकता है।

यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "हमारी मांगें जायज़ हैं, इन्हें नज़रअंदाज़ करना अब बर्दाश्त नहीं होगा।"पनबस और पीआरटीसी कच्चे कर्मचारियों की यह हड़ताल केवल एक प्रशासनिक मसला नहीं, बल्कि उन आम यात्रियों की रोज़मर्रा की परेशानी से भी जुड़ी है जो इन सेवाओं पर निर्भर हैं। सरकार के लिए अब यह ज़रूरी हो गया है कि वह तुरंत बातचीत कर समाधान निकाले, ताकि सड़कें फिर से चल पड़ें और लोग अपने गंतव्य तक समय पर पहुंच सकें।