छठ पूजा पर्व से पहले जालंधर शहर में तैयारियों की रफ्तार तेज़ है, लेकिन नहर किनारे बने घाटों की गंदगी ने श्रद्धालुओं का उत्साह फीका कर दिया है। शहर के कई घाटों — मुख्य रूप से बस्ती पीरदाद, लम्मा पिंड और कपूरथला रोड स्थित घाटों — पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इससे श्रद्धालु जहां नाराज़ हैं, वहीं नगर निगम के सफाई व्यवस्था के दावे भी सवालों के घेरे में आ गए हैं।
शहरवासियों का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी निगम ने सफाई का दावा तो किया, लेकिन ज़मीन पर स्थिति बिल्कुल उलट है। नहर किनारों पर प्लास्टिक, पूजा सामग्री और सड़े हुए फूलों की बदबू से माहौल दूषित हो गया है। कई स्थानों पर नालियों का पानी भी घाटों में मिल रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों ने कहा:
“हम हर साल यहाँ पूजा करने आते हैं, लेकिन इस बार हालात और भी खराब हैं। प्रशासन को पहले से सफाई और व्यवस्था करनी चाहिए थी।”
नगर निगम अधिकारियों ने हालांकि दावा किया है कि विशेष सफाई दल घाटों पर भेजे गए हैं और अंतिम क्षण तक सफाई अभियान जारी रहेगा। लेकिन लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी सफाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि स्थायी प्रबंधन की ज़रूरत है।