अस्पताल जैसे संवेदनशील इलाके में पराली जलाना प्रशासन की बड़ी नाकामी मानी जा रही है। काला और जहरीला धुआं सीधा अस्पताल के वार्डों और आईसीयू (ICU) की खिड़कियों से अंदर घुस रहा है, जिससे सांस के मरीजों और नवजात बच्चों का दम घुटने लगा है।
आग तो बुझ गई है, लेकिन स्थानीय निवासी अभी भी गुस्से में हैं।निवेदन है कि अस्पताल के पास जमा किया गया कचरा तुरंत हटाया जाए। हाल ही में लगी आग भले ही बुझ गई है, लेकिन उससे उठने वाले धुएं के कारण सांस के मरीजों और नवजात बच्चों को काफी परेशानी हुई। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में कचरा डालना गंभीर लापरवाही है।